पश्चिमी सिंहभूम में मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई; गुजरात और तमिलनाडु ले जाए जा रहे 9 नाबालिगों को पुलिस ने चंगुल से छुड़ाया

May 08, 2026
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चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम): झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में मानव तस्करों के एक बड़े नेटवर्क के मंसूबों पर पानी फेरते हुए चक्रधरपुर पुलिस ने एक सराहनीय सफलता हासिल की है। पुलिस की तत्परता से 9 मासूम जिंदगियों को अंधेरे भविष्य में धकेलने से बचा लिया गया है। बचाए गए बच्चों में 4 नाबालिग लड़के और 5 नाबालिग लड़कियां शामिल हैं, जिन्हें बेहतर काम और सुनहरे भविष्य का झांसा देकर दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा था।

कैसे नाकाम हुई तस्करों की साजिश?

चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार के नेतृत्व में चलाए गए एक सघन चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशन और उसके आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नाबालिगों के एक समूह को संदिग्ध परिस्थितियों में बाहर ले जाने की तैयारी है।

सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी ने टीम गठित की और दबिश दी। जांच के दौरान पता चला कि:

4 लड़कों को काम दिलाने के बहाने गुजरात ले जाने की योजना थी। 5 लड़कियों को तमिलनाडु की एक प्राइवेट कंपनी में भेजने की तैयारी थी।

संयुक्त टीम का 'रेस्क्यू ऑपरेशन'

यह सफलता केवल एक इकाई की नहीं, बल्कि कई संस्थाओं के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। जिला बाल संरक्षण इकाई की पदाधिकारी पुनीता तिवारी के मार्गदर्शन में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था, जिसमें निम्नलिखित विभागों ने सक्रिय भूमिका निभाई:

चक्रधरपुर थाना एवं महिला थाना, चाइल्ड हेल्पलाइन (Child Helpline), रेलवे सुरक्षा बल (RPF) एवं राजकीय पुलिस (GRP), कर्रा सोसायटी फॉर रूरल एक्शन, रांची सीडब्ल्यूसी (CWC) एवं डीएलएसए (DLSA).

"हमारा प्राथमिक लक्ष्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के कारण इन बच्चों को तस्करी के जाल में फंसने से पहले ही रेस्क्यू कर लिया गया।" – पुनीता तिवारी, जिला बाल संरक्षण इकाई।

बचाव के बाद की प्रक्रिया

रेस्क्यू किए गए सभी नाबालिगों को सुरक्षित पुलिस संरक्षण में लिया गया। बाल कल्याण समिति (CWC) के साथ उचित समन्वय स्थापित करने के बाद, कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया गया। वर्तमान में:

लड़कों को बाल कुंज भेजा गया है और लड़कियों को छाया बालिका गृह में आश्रय दिया गया है।

पुलिस अब उन बिचौलियों और तस्करों की तलाश कर रही है जो इन मासूमों को बहला-फुसलाकर ले जा रहे थे।

थाना प्रभारी अवधेश कुमार का ट्रैक रिकॉर्ड

यह पहली बार नहीं है जब चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने ऐसी कार्रवाई की है। क्षेत्र में वह अपनी सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले भी उन्होंने कई बार मानव तस्करी के प्रयासों को विफल कर नाबालिगों को उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

ब्यूरो रिपोर्ट: News Nyx. सत्यता के साथ, सबसे पहले।