झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) 2026: बोकारो के केंद्र पर नहीं पहुंचे प्रश्न पत्र, JPSC ने दो विषयों की परीक्षा की रद्द; अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा। प्रमुख बिंदु: अव्यवस्था की पूरी कहानी

April 26, 2026
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केंद्र: सरदार पटेल पब्लिक स्कूल, सेक्टर-9, बोकारो स्टील सिटी। प्रभावित अभ्यर्थी: केंद्र पर कुल 729 परीक्षार्थी आवंटित थे। समस्या: निर्धारित समय पर न प्रश्न पत्र पहुंचे, न ही बायोमेट्रिक उपस्थिति ली जा सकी। कार्रवाई: JPSC द्वारा दो विषयों की परीक्षा आधिकारिक तौर पर रद्द।

बिना परीक्षा के बाहर निकाले गए अभ्यर्थी

रविवार, 26 अप्रैल को आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) उस वक्त विवादों में घिर गई जब बोकारो के एक प्रमुख परीक्षा केंद्र पर अव्यवस्था का चरम रूप देखने को मिला। दूर-दराज के जिलों जैसे देवघर, दुमका और गोड्डा से पहुंचे परीक्षार्थियों को समय पर प्रवेश तो दे दिया गया, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी प्रश्न पत्र उपलब्ध नहीं कराए जा सके।

दोपहर करीब 12:30 बजे जब अभ्यर्थियों को बिना परीक्षा दिए ही केंद्र से बाहर जाने को कहा गया, तो स्थिति अनियंत्रित हो गई। आक्रोशित छात्रों ने प्रशासन और आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

"हम सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके आए थे, लेकिन यहां न पेपर मिला और न ही सही जानकारी। यह हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ है।" — एक पीड़ित अभ्यर्थी

प्रशासनिक दखल और JPSC का कड़ा फैसला

हंगामे की सूचना मिलते ही उपायुक्त अजय नाथ झा मौके पर पहुंचे और छात्रों को शांत कराने की कोशिश की। हालांकि, प्रशासनिक दावों (सीसीटीवी, बायोमेट्रिक और कड़ी सुरक्षा) के बीच इस तरह की चूक ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने त्वरित संज्ञान लिया है।

आयोग ने स्वीकार किया कि कुछ केंद्रों पर प्रश्न पत्र पर्याप्त संख्या में नहीं थे और कहीं-कहीं प्रश्न पत्र 'अपठनीय' (Illegible) थे। इसके चलते दो विषयों की परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।

आंकड़ों में परीक्षा का आयोजन

बोकारो जिले में आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) 2026 के सांख्यिकीय विवरण पर नज़र डालें तो प्रशासन ने इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की थी। जिले भर में कुल 51 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहाँ 22,404 पंजीकृत अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद थी। परीक्षा का आयोजन 26 अप्रैल, 2026 को किया गया था, लेकिन इतनी बड़ी व्यवस्था के बावजूद सरदार पटेल पब्लिक स्कूल जैसे प्रमुख केंद्र पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली, जिसके कारण अंततः आयोग को कड़ा फैसला लेना पड़ा।

News Nyx डेस्क: प्रशासन ने दोबारा परीक्षा की तारीखों के संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन आयोग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि उन्हें दोबारा आने-जाने का हर्जाना और पारदर्शी परीक्षा की गारंटी दी जाए।