धनबाद में 'पाताल' में समाई बस्ती: कतरास के सोनारडीह में भीषण भू-धंसान, 20 फीट गहरे गड्ढे में दबे दर्जनों घर, NH-32 पर भारी बवाल

April 23, 2026
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कतरास/धनबाद: कोयलांचल की धरती एक बार फिर मौत बनकर फटी। धनबाद के कतरास थाना अंतर्गत सोनारडीह (टंडाबारी) में गुरुवार की आधी रात वो खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे झारखंड को दहला दिया है। खनन और प्रकृति के असंतुलन ने आधी बस्ती को जमींदोज कर दिया।

आधी रात का तांडव: जब फटने लगी धरती

रात के सन्नाटे में जब लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक जमीन कांपने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देखते ही देखते पक्के मकान ताश के पत्तों की तरह ढहकर 20 फीट गहरे गड्ढे में समाने लगे।

नुकसान: पूर्व प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया के घर समेत दर्जनों मकानों का अस्तित्व मिट गया। दहशत: अपनी जान बचाने के लिए लोग मासूम बच्चों को सीने से लगाए नंगे पांव भागते नजर आए।

हादसा: मलबे के साथ एक कार भी जमीन के अंदर धंस गई। कई लोगों के घायल होने की सूचना है, जिनका उपचार स्थानीय स्तर पर चल रहा है।

'सिस्टम' की लापरवाही पर फूटा आक्रोश

घटना के बाद से ही सोनारडीह के ग्रामीणों में BCCL प्रबंधन और जिला प्रशासन के खिलाफ भारी उबाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले ही धंसान की चेतावनी दी थी, लेकिन अधिकारियों की "कुंभकर्णी नींद" ने आज दर्जनों परिवारों को बेघर कर दिया।

"हमने जीवन भर की कमाई से ये आशियाने बनाए थे, लेकिन सिस्टम की अनदेखी ने एक पल में सब छीन लिया।" — एक बिलखता हुआ ग्रामीण।

पीड़ित परिवारों और आक्रोशित ग्रामीणों ने सुरक्षा व मुआवजे की मांग को लेकर NH-32 को पूरी तरह जाम कर दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए:

NH-32 जाम, छावनी में तब्दील हुआ इलाका, भारी संख्या में स्थानीय पुलिस और CISF की तैनाती की गई है। ग्रामीण लिखित आश्वासन और सुरक्षित पुनर्वास की मांग पर अड़े हैं। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।

धनबाद के झरिया और कतरास जैसे इलाके लंबे समय से अवैध खनन और भूमिगत आग के कारण 'टाइम बम' पर बैठे हैं। बीसीसीएल और प्रशासन के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा गरीब जनता को अपने आशियाने और जान गंवाकर चुकाना पड़ रहा है।

News Nyx इस घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ, News Nyx स्थान: कतरास, धनबाद अपडेट: सड़क जाम अभी भी जारी है।