News Nyx विशेष: झारखंड में स्वास्थ्य क्रांति, गुटखा और पान मसाला पर एक साल का पूर्ण प्रतिबंध; आदेश जारी

May 07, 2026
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रांची: झारखंड सरकार ने जन-स्वास्थ्य के हितों को सर्वोपरि रखते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राज्य में अब तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा व पान मसाला पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसके निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

स्वास्थ्य विभाग का सख्त रुख

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के हस्ताक्षरित आदेश के अनुसार, राज्य सरकार ने यह कड़ा कदम नागरिकों के गिरते स्वास्थ्य और गंभीर बीमारियों के बढ़ते खतरों को देखते हुए उठाया है। यह आदेश न केवल बड़ी कंपनियों पर, बल्कि स्थानीय स्तर पर बेचे जाने वाले हर उस उत्पाद पर लागू होगा जिसमें निकोटीन या तंबाकू का अंश पाया जाएगा।

प्रमुख कानूनी प्रावधान

सरकार ने इस प्रतिबंध को कानूनी जामा पहनाने के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम का सहारा लिया है। आदेश में निम्नलिखित धाराओं का उल्लेख है:

अधिनियम: खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम-2006 (धारा 30(2)(ए))। विनियमन: खाद्य सुरक्षा एवं मानक (बिक्री पर निषेध और प्रतिबंध) विनियमन 2011। अवधि: यह प्रतिबंध आदेश जारी होने की तिथि से अगले एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा।

आदेश के मुख्य बिंदु:

किन चीजों पर रोक है?

सभी तरह के गुटखा, पान मसाला और ऐसी हर चीज जिसमें तंबाकू या निकोटीन मिला हो, उन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।

क्या-क्या करना मना है?

अब इन चीजों को न तो फैक्ट्रियों में बनाया जा सकता है, न ही इन्हें दुकानों या गोदामों में जमा करके रखा जा सकता है। साथ ही, इनकी बिक्री और किसी को बांटने पर भी पूरी रोक है।

कब से लागू होगा?

यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अगले एक साल तक जारी रहेगा।

नियम तोड़ने पर क्या होगा?

अगर कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित गुटखा या पान मसाला बेचते या रखते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उसे जेल भी हो सकती है।

नाम बदलने पर भी नहीं मिलेगी राहत

अपर मुख्य सचिव ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि तंबाकू और निकोटीन युक्त उत्पाद किसी भी नाम से बेचे जा रहे हों, यदि उनमें प्रतिबंधित सामग्री पाई जाती है, तो उन्हें जब्त कर लिया जाएगा। अक्सर कंपनियां नाम बदलकर या 'माउथ फ्रेशनर' के नाम पर गुटखा बेचती हैं, लेकिन अब लैब टेस्टिंग के आधार पर उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा।

"राज्य के नागरिकों को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए यह प्रतिबंध अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"

— स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार

जागरूकता और प्रवर्तन

इस आदेश के बाद अब राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को निर्देश दिया जा रहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में छापेमारी अभियान चलाएं। गुटखा माफियाओं के खिलाफ विशेष टास्क फोर्स के गठन की भी संभावना है ताकि गुप्त ठिकानों पर रखे गए स्टॉक को नष्ट किया जा सके।

रिपोर्ट: News Nyx डेस्क

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